विश्वविद्यालय अनुदान आयोग
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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग

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 24-Jun-2024

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

परिचय:

शिक्षा मंत्रालय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा आयोजित होने वाली ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (UGC-NET) को इसके आयोजन के एक दिन बाद ही रद्द कर दिया। ऐसा नेशनल साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट से मिली सूचना के कारण किया गया है, जिसमें संकेत दिया गया था कि परीक्षा की सत्यनिष्ठा से समझौता किया गया है। इसके बाद NEET-UG में गड़बड़ी हुई।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग क्या है?

  • भारत में, राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली तैयार करने का पहला प्रयास वर्ष 1944 में भारत में द्वितीय विश्वयुद्ध के उपरांत शैक्षिक विकास पर केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड की रिपोर्ट के साथ हुआ, जिसे सार्जेंट रिपोर्ट के नाम से भी जाना जाता है।
  • इस रिपोर्ट में अलीगढ़, बनारस एवं दिल्ली के तीन केंद्रीय विश्वविद्यालयों के काम की देखरेख के लिये विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के गठन की अनुशंसा की गई थी।
  • वर्ष 1947 में, समिति को सभी तत्कालीन मौजूदा विश्वविद्यालयों की समस्याओं से निपटने का काम सौंपा गया था।
  • वर्ष 1952 में, केंद्र सरकार ने निर्णय लिया कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों एवं अन्य विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों को सार्वजनिक निधियों से अनुदान आवंटन से संबंधित सभी मामलों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को भेजा जा सकता है।
  • UGC को औपचारिक रूप से नवंबर 1956 में संसद के एक अधिनियम के माध्यम से एक सांविधिक निकाय के रूप में स्थापित किया गया था।

UGC का अधिदेश क्या है?

  • विश्वविद्यालय शिक्षा को बढ़ावा देना एवं समन्वय करना।
  • विश्वविद्यालयों में शिक्षण, परीक्षा एवं अनुसंधान के मानकों का निर्धारण और रखरखाव करना।
  • शिक्षा के न्यूनतम मानकों पर विनियम बनाना।
  • महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में विकास की निगरानी करना, विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों को अनुदान वितरित करना।
  • संघ एवं राज्य सरकारों और उच्च शिक्षा संस्थानों के मध्य एक महत्त्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करना।
  • विश्वविद्यालय शिक्षा में सुधार के लिये आवश्यक उपायों पर केंद्र एवं राज्य सरकारों को सलाह देना।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की संरचना क्या है?

  • विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, 1956 की धारा 5 के अनुसार आयोग में निम्नलिखित सदस्य होंगे:
    • अध्यक्ष (वर्तमान में प्रो. ममीडाला जगदीश कुमार)
    • उपाध्यक्ष (वर्तमान में प्रो. दीपक कुमार श्रीवास्तव)
    • 10 अन्य सदस्य केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किये जाएंगे।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के कार्य क्या हैं?

  • विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, 1956 की धारा 12 विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के कार्यों को निर्धारित करती है। UGC के कुछ कार्य इस प्रकार हैं:
    • विश्वविद्यालयों की वित्तीय आवश्यकताओं की जाँच करना।
    • आयोग की निधि से, केंद्रीय सरकार द्वारा धारा के अधीन की गई घोषणा के अनुसरण में विश्वविद्यालय माने जाने वाले संस्थानों को ऐसे अनुदान आवंटित और वितरित करना, जैसा वह आवश्यक समझे, निम्नलिखित में से एक या अधिक प्रयोजनों के लिये, अर्थात्:-
  • विशेष मामलों में रखरखाव के लिये
  • विकास के लिये
  • किसी अन्य सामान्य या निर्दिष्ट उद्देश्य के लिये
    • किसी विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालय शिक्षा के सुधार के लिये आवश्यक उपायों की अनुशंसा करना तथा ऐसी अनुशंसा के कार्यान्वयन के लिये की जाने वाली कार्यवाही के संबंध में विश्वविद्यालय को सलाह देना।

राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) क्या है?

  • यह UGC की ओर से राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित एक प्रतियोगी परीक्षा है।
  • यह परीक्षा वर्ष में दो बार, आमतौर पर जून एवं दिसंबर में आयोजित की जाती है।
  • इसका उपयोग जूनियर रिसर्च फेलोशिप, सहायक प्रोफेसर के रूप में नियुक्ति एवं भारतीय विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में PhD में प्रवेश के लिये उम्मीदवारों की पात्रता निर्धारित करने के लिये किया जाता है।

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) क्या है?

  • राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की स्थापना उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश/फेलोशिप के लिये प्रवेश परीक्षा आयोजित करने हेतु एक प्रमुख, विशेषज्ञ, स्वायत्त एवं आत्मनिर्भर परीक्षण संगठन के रूप में की गई है।
  • यह भारत के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत एक स्वायत्त एजेंसी है।
  • इसकी स्थापना नवंबर 2017 में प्रवेश परीक्षा एवं भर्ती आयोजित करने के लिये की गई थी।
  • NTA दिसंबर 2018 से UGC-NET का आयोजन कर रहा है।

निष्कर्ष:

UGC-NET के रद्द होने से 9 लाख से ज़्यादा उम्मीदवार प्रभावित हुए हैं। गौरतलब है कि इस वर्ष 317 शहरों के 1,205 केंद्रों पर करीब 9,08,580 उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल हुए थे, जो पिछले वर्ष जून में 181 शहरों में आयोजित 4,62,144 परीक्षार्थियों से लगभग दोगुना है।